प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत: वेदों का महत्व

प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत: वेदों का महत्व – वेदों से जुड़े तथ्य, परीक्षा उपयोगी नोट्स, SSC, UPSC, State PCS के लिए Complete Guide
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प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत: वेदों का महत्व
क्या आपने कभी सोचा है कि प्राचीन भारत की वास्तविक कहानी हमें कैसे पता चली? जब कोई किताब नहीं थी, कोई अख़बार नहीं था, तब भारत के इतिहास को वेदों ने कैसे संभाल कर रखा? अगर आप SSC, UPSC, State PCS या किसी भी Government Exam की तैयारी कर रहे हैं, तो यह टॉपिक आपके लिए game-changer साबित हो सकता है। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे — प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत क्या हैं और वेदों का महत्व इतना ज़्यादा क्यों है , वह भी आसान भाषा और परीक्षा-उपयोगी तथ्यों के साथ। प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख स्रोत इतिहासकारों ने प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोतों को मुख्य रूप से चार भागों में बांटा है: धार्मिक साहित्य (वेद, उपनिषद) ऐतिहासिक एवं साहित्यिक ग्रंथ विदेशी यात्रियों के विवरण पुरातात्विक साक्ष्य इन सभी में धार्मिक साहित्य , विशेषकर वेद , सबसे प्राचीन और विश्वसनीय माने जाते हैं। 📘 Free Books PDF for Government Exams वेदों का परिचय वेद भारत के सर्वप्राचीन साहित्यिक ग्रंथ हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार वेद अपौरुषेय हैं, अर्थात् इन्हें किसी मनुष्य ने नहीं रचा। वेदों का संकलन महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास द…